इंटेलिजेंट इन्वेस्टर बुक पढ़ें: The Intelligent Investor Book In Hindi (Best Review)

The Intelligent Investor Book In Hindi के इस आर्टिकल में हमने पुस्तक में बताई गई सबसे महत्वपूर्ण बातों का उल्लेख किया है, जो किसी भी निवेशक को जाननी चाहिए।

इस आर्टिकल में हमने किताब के संपूर्ण सार (Summary) को बताया है, इसका मतलब है कि आप बहुत ही कम समय में पूरी किताब पढ़ लेंगे।

इसलिए अगर आप THe Intelligent Investor Book Review के बारे में जानना चाहते हैं, तो आपको Earn Money in Hindi का यह आर्टिकल पढ़ना चाहिए।

The Intelligent Investor Book In Hindi Review

इंटेलीजेंट इन्वेस्टर किसी भी निवेशक के लिए इतनी महत्वपूर्ण है कि एक भी ऐसा बड़ा Investor नहीं होगा, जिसने यह किताब ना पढ़ी हो। Intelligent Investor, Best Share Market Books

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में से एक है।

अधिकतर बड़े Investor जो है, जैसे कि वॉरेन बफेट हो या कोई अन्य वह अपनी पूरी सफलता का श्रेय इस किताब को देते हैं। 

इसलिए यह किताब हर Investor के लिए, उसकी लाइफ को बदलने वाली किताब रही है। चलिए अब हम आपको इस किताब में बताई गई कुछ खास बातों के बारे में बताते हैं। 

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The Intelligent Investor Book Summary In Hindi

इस किताब को अगर कोई Beginner पढ़ता है अथवा अगर आपने इसे पढ़ने की कोशिश की होगी, तो आपको लगेगा कि यह पुस्तक बहुत उबाऊ है। 

ज्यादातर शुरुवाती व्यक्तियों को इसकी आधी से ज्यादा चीजें बिल्कुल भी समझ में नहीं आती है, इसलिए आज मैं आपको The Intelligent Investor Book Summary संक्षिप्त तरीके से बताऊंगा। 

अगर आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ लेते हैं, तो आप समझ लीजिए कि आपने इस किताब का जो सार है, उसको समझ लिया।

तो अब हम हम आपको The Intelligent Investor Book Review में यह बताते हैं कि इस किताब पर क्या लिखा है? 

Intelligent Investor के अनुसार Investing क्या है?

इस पुस्तक में सबसे पहली चीज; जो बेंजामिन ग्राहम ने इस किताब के शुरुआती चैप्टर में बताई है, वह निवेश की परिभाषा (definition of investing) है।

तो हम में से अधिकतर लोग यही समझते हैं कि कोई भी चीज खरीद लो और उसको 2 साल या 5 साल के लिए रखे रहो, तो वह Investing होता है; लेकिन यह Investing बिल्कुल नहीं होता है।

बैंक के अनुसार, Investing में तीन चीजों (Analysis, सेफ्टी ऑफ प्रिंसिपल और सफिशिएंट Return) का होना बहुत जरूरी है। अगर यह तीन चीजें नहीं है, तो आप Investing नहीं बल्कि जुआ खेल रहे हैं।

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Investing से पहले अच्छे से Analysis (विश्लेषण) करें: 

तो पहली चीज Share Analysis होनी चाहिए, कोई भी चीज जिसमें आप इन्वेस्ट कर रहे हैं, उसके पीछे कुछ कारण होने चाहिए। इसलिए अगर आप Analysis करे बिना कुछ कर रहे हैं, तो वह Investing नहीं है।

Investing से पहले सेफ्टी ऑफ प्रिंसिपल फॉलो करें:

किसी भी निवेश में दूसरी चीज जो होनी चाहिए, वह सेफ्टी ऑफ प्रिंसिपल है, यानी कि जो पैसा आप लगा रहे हैं वह पैसा सुरक्षित रहें। ऐसी बात लंबे समय के दौरान निवेश के लिए की जा रही है।

क्योंकि प्राइस तो रोज बढ़ता घटता है, लेकिन अगर 6 महीने साल भर के समय को लेकर चले, तो आप जो पैसा लगा रहे हैं वह सुरक्षित होना चाहिए।

Investing से पहले संतोषजनक Return की जांच करें

Investing में तीसरी क्वालिटी जो होनी चाहिए, वह आपके द्वारा किए गए निवेश से अच्छा Return प्राप्त करना है।

हमारा मतलब है कि आपने किसी शेयर में जितना निवेश किया है, आपको Return भी बैंक से 5% ज्यादा मिलना चाहिए; यही sufficient return कहलाता है 

उदाहरण के लिए: अगर आपको HDFC Bank से, आपके द्वारा जमा किए गए पैसों पर 7% Return मिल रहा है, तो 7% में 5% और जोड़ दीजिए, तो 12% हो जाता है। 

अगर आप किसी इक्विटीज में इन्वेस्ट रहे हैं, तो कम से कम आपको 12% Return मिलना चाहिए। इसी प्रकार आपका टारगेट होना चाहिए कि आपके इन्वेस्टिंग में ये तीन चीजें हैं।

अगर यह तीनों चीजें नहीं है, तो उसको बोला जाता है, स्पैक्यूलेशन यानी सिर्फ आप यह मान रहे हैं कि यह कंपनी का Share ले लिया जाए, वाला काम मत करिए।

Investing करने का निर्णय स्वयं लें:

दूसरा उदाहरण, इसमें Mr. Market का दिया गया है। इसमें बेंजामिन ग्राहम कहते हैं कि Mr. Market, जो हर रोज आपके सामने किसी कंपनी का Share पेश करता है और किसी खास भाव पर खरीदने की सलाह देता है।

इसके अलावा वह यह भी कहते हैं कि Mr. Market जो है, वह ज्यादातर समय सही होता है। यानी कि 70% समय जो है Mr. Market आपको किसी कंपनी का जो Share बताता है, वह एकदम सही होता है।

लेकिन कुछ दिन के लिए Mr. Market इमोशनल प्रॉब्लम में पड़ जाता है और इस इमोशनल प्रॉब्लम के कारण, कभी वह आपको बहुत सस्ता प्राइस ऑफर करता है या कभी बहुत महंगा प्राइस ऑफर करता है।

तो यही आपको डिसीजन लेना है और यहां आपने अगर सही डिसीजन लिया, तो आपको बहुत बढ़िया रिजल्ट देखने को मिलेंगे।

लेकिन अगर आपने गलती की, तो आपको खराब रिजल्ट मिलेंगे। तो बेंजामिन ग्राहम कहते हैं कि जब बाजार में बहुत ज्यादा गिरावट हो तब आप शेयर खरीद सकते है। 

वहीं दूसरी ओर जब बाजार में बहुत ज्यादा तेजी चल रही हो, तब आप शेयर को बेचिए।

इस किताब में यह सबसे इंपोर्टेंट चीज है।

Investing से पहले जांचें सुरक्षा का मापदंड: (Margin of Safety)

इस किताब का अगला सबक, जिसने बहुत सारे Investors की जिंदगी बदल दी, वह मार्जिन आफ सेफ्टी है। Investing को एक प्रोफेशनल रूप इसी कांसेप्ट ने दिया है, जिसको सुरक्षा का मापदंड बोलते हैं।

हममें से सभी लोग अपने Analysis में कुछ ना कुछ गलती कर सकते हैं, चलिए मान लेते हैं, हमारा Analysis सही हो; ऐसा हो सकता है।

लेकिन अगर माहौल बदल जाए, तो इसके कारण भी हमें नुकसान हो सकता है, तो ऐसे में कई कारण हो सकते हैं, जिनके कारण आप यह उम्मीद कर रहे हो कि ऐसा नहीं होगा।

लेकिन यह जरूरी है कि आप पहले से ही सेफ्टी लेकर चलें।

उदाहरण के लिए: अगर आप मान लेते हैं कि आप इंजीनियर हैं और आपको एक पुल बनाने का काम दिया गया है। जिसकी 10000 पाउंड की capacity हो, तो क्या आप exactly 10000 पाउंड की कैपेसिटी वाला ब्रिज ही बनाएंगे। 

मान लीजिए, अगर आपने 10000 पाउंड की क्षमता वाला ब्रिज बना भी दिया और उसके ऊपर कहीं 10000 या 11000 पाउंड के वजन वाला ट्रक निकला, तब तो आपका ब्रिज टूट जाएगा और आपके लिए प्रॉब्लम खड़ी हो जाएगी।

वहीं अगर हम Margin of Safety लेकर चलेंगे तो आप 10000 का नहीं बल्कि आप शायद 11000 या 12000 पाउंड की कैपेसिटी का ब्रिज बनायेंगे। ताकि आपको और सेफ्टी मिल जाए।

तो यही सेफ्टी का नियम आपको इन्वेस्ट करते समय Use करना चाहिए। इसलिए आप किसी भी कंपनी का Share उसके फेयर प्राइस के नीचे खरीदें, यानी अगर उसका फेयर प्राइस ₹100 बनता है; तो आप उसको 80 रुपए पर खरीदो या आप उसे 70 रुपए पर खरीदो।

मान लो 100 की चीज आप 70 में खरीद रहे हैं तो जो आपकी तरफ से Analysis में गलती हो सकती हो वह यहां पर डिस्काउंट हो जाएगी। कंपनी का बिजनेस जो थोड़ा बहुत खराब हो सकता है, वह आपको सेफ्टी दे देगा या पूरा बिजनेस एनवायरमेंट खराब हो जाए तो भी आपको यहां सेफ्टी मिल जाएगी।

तो हमेशा जो है मार्जिन आफ सेफ्टी का ध्यान रखिए, कोई भी कंपनी का Share आप ले रहे हैं तो बिना मार्जिन आफ सेफ्टी के बिल्कुल मत लीजिए।

Intelligent Investors Book के अनुसार Investors के प्रकार

इस किताब में बेंजामिन ग्राहम ने तीन प्रकार के इन्वेस्टर के बारे में बताया है, जिसमें से पहला Defensive Investor है।

Defensive Investor:

बेंजामिन ग्राहम के अनुसार Defensive Investor वह Investor होता है जिसको लॉस से डर लगता है। जो टाइम नहीं देना चाहता, जो रिसर्च तथा ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहता है। ऐसे Investor को वह Defensive Investor कहते हैं।

Enterprising Investor:

बेंजामिन ग्राहम के अनुसार, दूसरा Enterprising Investor होता है, यह वह Investor होता है, जो रिस्क लेना चाहता है जो मेहनत करना चाहता है और जो निवेश में रिसर्च के लिए टाइम दे सकता है। और जिसको खुद पर काफी भरोसा होता है।

जिसको लगता है कि मैं अच्छी रिसर्च कर रहा हूं और जो खुद पर कॉन्फिडेंस रखता है।

बेंजामिन ग्राहम बोलते हैं कि Enterprising Investor ज्यादा Return बनाता है, उसको Defensive Investor के मुकाबले बहुत ज्यादा और अच्छा Return मिलता है।

Defensive Investor और Enterprising Investor में अंतर

दोनों प्रकार के निवेशकों में अंतर की बात की जाए, तो Defensive Investor ऑटो पायलट nature (चरित्र) का होता है। 

वह वैसा ही पोर्टफोलियो बनाना चाहता है, जिसमें ज्यादा सोचने विचारने की जरूरत ना पड़े और रेगुलर ट्रैक करने की जरूरत ना पड़े। 

जबकि Enterprising Investor रिसर्च कर सकता है, मेहनत कर सकता है, टाइम दे सकता है और वह ऐसा पोर्टफोलियो पसंद नहीं करता। डिसीजन लेने में उसको प्रॉब्लम नहीं होती है।

इसके अलावा Defensive Investor इमोशनल होता है, वह इन सारी चीजों से ज्यादा डरता है। लेकिन Enterprising Investor इमोशनल नहीं होता बल्कि वह इंटेलेक्चुअल होता है। वह नॉलेज पर भरोसा रखता है और उसे अपनी इंटेलिजेंस पर भरोसा है।

Hybrid Investor:

Enterprising Investor और Defensive Investor के बीच में एक और तीसरे type का Hybrid Investor भी हो सकता है।

Hybrid Investors, वह लोग हैं, जो Defensive भी होते हैं और एंटरप्राइजिंग भी होते हैं। यह दरअसल उस कैटेगरी के लोग होते हैं, जो टाइम नही खर्च करना चाहते हैं।

ये रिसर्च कर ही नहीं सकते क्योंकि रिसर्च का उनको नॉलेज नहीं है और ये पैसा भी नहीं खर्च करना चाहते हैं। 

बेंजामिन ग्राहम कहते हैं कि आप Hybrid Investors बिल्कुल मत बनिए, या तो आप Properly research कीजिए। अगर यह नहीं कर सकते तो डिफेंसिव इन्वेस्टर की जो स्ट्रेटजी है उसको फॉलो कीजिए।

लेकिन एक खिचड़ी बनाने वाला काम मत करिए अगर यह करोगे तो कहीं के नहीं रहोगे आपको कोई Return नहीं मिलेगा। इसमें आप एचडीएफसी सेविंग बैंक अकाउंट के मुकाबले के Return भी मार्केट से नहीं बना पाएंगे।

The Intelligent Investor Book In Hindi – Conclusion

हम उम्मीद करते हैं कि आपको Earn Money in Hindi के इस आर्टिकल में बताई गई The Intelligent Investor Book Summary In Hindi पसंद आई होगी। 

यह किताब बहुत ही अच्छी है, आपको इसे एक बार अवश्य पढ़नी चाहिए। आप इस आर्टिकल में दिए गए Affiliate Link पर क्लिक करके Amazon से यह पुस्तक खरीद सकते हैं।

अगर आपको The Intelligent Investor Book In Hindi से संबंधित किसी प्रकार पर सवाल पूछना है, तो कमेंट करके पूछ सकते हैं। 
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